

मानसून आया और सब को निराश करके चला भी गया, नतीजतन देश में पानी की कमी, सूखा जैसी समस्याएं , उत्पन्न हो गई..... जरा रुकिए, पानी की कमी!!!!!!, कभी मुंबई, और दिल्ली आइये जनाब तब आप भी चौंक जायेंगे, क्योंकि जितना पानी किसी गाँव को चाहिए होता है, उससे कहीं ज्यादा तो आपको यहाँ सड़कों पर मिल जाएगा |
सावन तो बिना बरसात के निकल गया, पर सारी कसर अब निकल रही है,अब समस्या ये है की, इस बारिश का मज़ा लें या बेमतलब परेशान हों,बेमतलब इसलिए, क्योंकि सरकार को तो इसमें कोई नई बात नही दिखती, उनका तो कहना है , बारिश होगी तो परेशानी तो होगी ही
मुंबई की बारिश से तो सभी वाकिफ हैं, लेकिन जो हश्र इस बार राजधानी दिल्ली का हुआ, वो हज़म नही हुआ, क्योंकि अगले साल यही दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन कर रही है,और अगर उस वक्त ये हालत रहे तो राम ही राखे!!!!!!!!
मेरी बात मानें तो तैराकी की प्रतियोगिता , दिल्ली की सड़कों पर ही करा दी जाय , इतना पानी तो इक्कट्ठा हो ही जाता है, और एक प्रतियोगिता हो सकती है........ कौन इंडिया गेट से लाल किले तक अपनी गाड़ी में सबसे पहले पहुंचेगा, एक बार कराइए तो सही,अगर ये रेस ,क्रिकेट टेस्ट मैच से बड़ी न हुई तो कहियेगा
आपको ये कल्पनाएँ लग सकती हैं लेकिन कभी दिल्ली आयें तो सही, तब मालूम पड़ेगा की इसमें कितनी सच्चाई है, सड़कों पर जमा पानी को देखकर आप भी जरूर चौंक जायेंगे............. देश में वाकई पानी की कमी है!!!!!!!!!!!!!
अब किसको दोष दें , शासन, प्रशासन या फ़िर ख़ुद को, क्योंकि शासन- प्रशासन तो इलाज़ बाद में करेंगे पहले इस बात पर ही झगड़ने लगेंगे की गलती किसकी है, अब ये तो आपको भी पता है की इसका परिणाम क्या होता है,
हम तो सिर्फ़ दुआ कर सकते हैं , भगवान् इनको सद्बुद्धि दें ..........

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